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जागो रे, जागो रे, जागो रे संगी जागो रे साथी जागो ओ महतारी

Written by prachur

जागो रे, जागो रे, जागो रे संगी जागो रे साथी जागो ओ महतारी

भारत माता की आरती उतारी, भारत माता की आरती उतारी।

अब सुते के बेरा नही है बेरा है जागे के,

स्वार्थी मन के बोरिया बिस्तर बांध के भागे के ,

देश सेवा बार समय देवौग, छोडो घर दुआरी ,

भारत माता की आरती उतारी,

हुतात्मा मन के सपना आज हावेगा अधूरा,

करलो सब प्रतिज्ञा करबो सपना ल हम पूरा ,

भले बने बार फेर पढ़ी जी हमला क्रन्तिकारी

भारत माता की आरती उतारी।

 

 

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